नई दिल्ली। देश की दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो ने एक अहम एलान किया है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा है कि उसके निदेशक मंडल की अहम बैठक 15 और 16 अप्रैल को होने जा रही है। खास बात है कि इस बैठक में कंपनी शेयर बायबैक के प्रस्ताव पर विचार कर सकती है। कंपनी ने कहा कि इस प्रस्ताव पर बोर्ड क्या फैसला लेता है, इसकी जानकारी 16 अप्रैल 2026 को बैठक खत्म होने के तुरंत बाद स्टॉक एक्सचेंजों को दे दी जाएगी।
शेयर बायबैक के साइज, कीमत और प्रोसेस के बारे में विस्तृत जानकारी बोर्ड की बैठक में तय होने की उम्मीद है। बेंगलुरु स्थित यह आईटी सर्विस प्रोवाइडर कंपनी लगभग तीन वर्षों में पहली बार शेयर बायबैक पर विचार कर रही है। इससे पहले जून 2023 में ऐसा किया गया था।
3 साल बाद दूसरा बायबैक
इस शेयर बायबैक में, विप्रो ने 22 जून से 30 जून के बीच ₹12,000 करोड़ के शेयर वापस खरीदे, जिसमें उसने 26.96 करोड़ इक्विटी शेयर, यानी अपनी कुल इक्विटी का 4.91%, ₹445 प्रति शेयर के भाव पर हासिल किए। यह मूल्य दिसंबर 2024 में घोषित 1:1 बोनस इश्यू के लिए समायोजित नहीं किया गया है।
क्या होता है बाय बैक?
शेयर बायबैक वह प्रक्रिया है जिसमें कोई कंपनी अपने ही जारी किए गए शेयरों को मौजूदा शेयरहोल्डर्स से वापस खरीदती है। शेयर बायबैक आमतौर अच्छा माना जाता है क्योंकि यह कंपनी के आत्मविश्वास को दिखाता है, उनके पास बिजनेस को लेकर बेहतर प्लान है, रिसोर्स हैं और खुद के भविष्य पर भरोसा भी है।
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विप्रो ने यह जानकारी शेयर बाजार के बंद होने के बाद दी है। 9 अप्रैल को विप्रो लिमिटेड के शेयर गिरावट के साथ 202.87 रुपये पर बंद हुए हैं।
